मुंह के छाले होने से हर कोई परेशान रहता है. ये समस्या बहुत ही आम है, कभी न कभी छाले सबके हुए है. हम सबको ये भी पता है कि छाले होने पर खाने-पीने और बोलने में कितनी तकलीफ होती है. ऐसे में हम सबको चाहिए मुंह में छाले के उपाय जिससे जल्द से जल्द माउथ अल्सर ठीक हो जाए. आज हम जानते है मुंह में छाले होने के कारण और मुंह में छाले ठीक करने के लिए घरेलू नुस्खे.

मुंह के छाले क्या होते है? | what is mouth ulcer  in Hindi?

गालों और जीभ पर छाले अधिक होते है. मुंह में छाले होने को मेडिकल भाषा में Canker Sores(कैंकर सोर्स) कहते है.

छाले कभी कभी अधिक दर्द देने वाले हो जाते है. ये जीभ, गाल, होंठ और गले में होते है.

मुंह में छाले होने के कारण कई तरह के होते है, जैसे:- अधिक तीखा आहार, विटामिन्स की कमी, हार्मोन्स में बदलाव, चिंता, प्रतिरक्षा प्रणाली में समस्या, पानी की कमी, पेट का साफ ना होना आदि सब कारण हो सकते है.

अधिकतर मुंह के छाले की दवा लेने की आवश्यकता नहीं पडती है. ये 3 से 5 दिन में अपने आप सही हो जाते है. अगर आप फिर भी कुछ जल्दी राहत पाना चाहते है तो मुंह में छाले के उपाय कर सकते हो. इसमें आप मुंह के छाले ठीक करने के घरेलू उपाय और छाले की दवा जो मेडिकल पर बिना पर्ची के मिलजाती है उनका इस्तेमाल कर सकते हो.

अगर आपको छाले होने पर बुखार हो जाता है और छाले 3 हफ्तों से ज्यादा दिन तक बने रहते है और खाना भी नहीं खाया जाता है तो इस स्थिति में तुरंत चिकित्सक की सलाह लेना उचित समझे.

बहुत से लोगों को छाले होते रहते है, ऐसे में चिकित्सक से परामर्श लेकर जाँच करा लेनी चाहिए जिससे उहित अरण का पता लगाकर इन्हें रोका जा सकें.

मुंह के छाले कितने प्रकार के होते हैं? | Types of Mouth Ulcer in Hindi

मुंह के छाले आकार के आधार तीन तरह के माने जाते है.

  • छोटे छाले – माइनर क्रेंकर सोर
  • बड़े छाले – मेजर क्रेंकर सोर  
  • हेरपेटिफोर्म सोर

माइनर क्रेंकर सोर(Minor canker sore)

इसमें मुंह के छाले का आकार छोटा होता है. इन्हें सामान्य माना जाता है,क्योंकि ये एक हफ्ते के लगभग समय में अपने आप ठीक हो जाते है. इनका आकार 2 से 10 मिलीमीटर तक होता है, जो बहुत कम है इसलिए ये अपने निशान भी नहीं छोड़ते है.

मेजर क्रेंकर सोर(major canker sore)

इनका आकार बड़ा होता है और साथ ही थोड़े गहरे भी होते है. इनकी साइज़ 10 मिलीमीटर से अधिक होती है. ये मुंह के छाले ठीक होने में 2 हफ्तों से अधिक समय भी ले सकते है. इन छालो के ठीक होने के बाद निशान रह जाते है.

हेरपेटिफोर्म सोर(Herpetiform sores)

बहुत ही छोटे छालो का समूह Herpetiform sores(हेरपेटिफोर्म छाले) कहलाते है. ये साइज़ में 2 मिलीमीटर तक ही होते है, लेकिन एक ही जगह ये बहुत सारे एक साथ होते है. इनके ठीक होने के बाद कोई निशान नहीं रहता है. ये छाले अन्य दोनों से अधिक दर्द देने वाले होते है तथा इनपर दवा और क्रीम भी बहुत कम असर करती है.

मुंह के छालों के मुख्य लक्षण क्या हैं? | Symptoms of mouth ulcer in Hindi | मुंह में छाले होने के लक्षण क्या है?

मुंह में छाले होने के लक्षण निम्न प्रकार है :-

  1. छाले होने से एक दिन पहले ही जलन और चुभन सी होने लगती है.
  2. छाले का रंग सफ़ेद, धूसर(ग्रे) और पीला हो सकता है तथा किनारों से लाल रंग होता है.
  3. छाले वाली जगह पर दर्द होता है, जो कम या ज्यादा हो सकता है.
  4. भोजन करने और बातचीत में थोड़ी कठिनाई होती है.

ये सभी लक्षण सामान्य होते है, इनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं है.

कुछ लक्षण ज्यादा गंभीर होते है, हालाँकि इनका होना बहुत मुश्किल है.

  1. छाले होने पर बुखार होना.
  2. सुस्त हो जाना
  3. लसिका ग्रंथि का सूजना
  4. मुंह और गले पर फंगस लगना
  5. वजन का कम होना

चिकित्सक की सलाह कब लेनी चाहिए

  1. छाले एक हफ्ते बाद भी कम होने बजाय बड़े हो रहे हो.
  2. छालो को तीन हफ्तों से ज्यादा समय हो गया हो.
  3. दर्द की दवा लेने के बाद भी दर्द कम ना हो.
  4. पानी पीने में भी दिक्कत हो.
  5. मुंह के छाले होने के साथ बुखार भी हो.

मुंह में छाले होने का कारण क्या है?| मुंह में छाले क्यों होते हैं​? | Causes of mouth ulcer in Hindi

  1. ज्यादा समय तक ब्रश करना और नर्म ब्रश काम में ना लेना.
  2. कुछ खाने के दौरान दांतों से कटना.
  3. विटामिन्स की कमी से.
  4. अधिक रसायन वाला टूथपेस्ट काम में लेना.
  5. मुंह में बैक्टीरिया का होना.
  6. पानी कम पीना.
  7. चिंता-तनाव होना.
  8. मासिक धर्म में, हार्मोन्स में परिवर्तन.
  9. कब्ज रहना.
  10. पेट साफ़ ना होना या खराब रहना.
  11. तम्बाकू का सेवन.
  12. ज्यादा फ़ास्ट फ़ूड की वजह से.

मुंह के छालों से बचाव – Prevention of Mouth Ulcer in Hindi

क्या मुंह में छाले होने से कैसे रोकें?

हालाँकि, मुंह के छालों का कोई इलाज नहीं हैं और यह फिर से हो जातें हैं, लेकिन इनके होने को कम किया जा सकता है। निम्न तरीके प्रमुख है –

  1. ऐसे खाने से परहेज करें, जो आपके मुंह को नुकसान पहुंचता है जैसे की मसालेदार खाना।
  2. च्युइंग गम न चबाएं क्योंकि इससे भी मुंह के छाले होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  3. रोज़ाना नर्म बालों वाले ब्रश से दांत साफ करें और खाने के बाद दाँत साफ करने के धागे (floss) से दांतों के बीच फंसा खाना निकालें। इससे छाले होने की सम्भावना कम होगी।
  4. अपने मुंह का ध्यान रखें, और कोशिश करें किसी भी तरह की चोट या खरोंच न लगे।

मुंह के छाले का निदान – Diagnosis of Mouth Ulcer in Hindi

मुंह के छाले का निदान कैसे होता है?

मुंह के छालों के लिए किसी विशेष जाँच की ज़रूरत नहीं होती, आपका डॉक्टर या डेंटिस्ट मुंह के निरीक्षण के समय ही उन्हें पहचान लेंगे।

कुछ मामलो में दूसरे स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों को पता करने के लिए जाँच की ज़रूरत पड़ सकती हैं, खासतौर पर तब जब छाले ज़्यादा हों या बार-बार हो रहे हों। ऐसे में ब्लड टेस्ट या मुंह की बायोप्सी करने की जरूरत पड़ सकती है या फिर तब जब डॉक्टर को लगता है कि आपको निम्नलिखित समस्या में से कोई हो सकती है –

  • वायरल इन्फेक्शन
  • विटामिन या मिनरल की कमी 
  • हार्मोनल डिसऑर्डर (हॉर्मोन सम्बन्धी गड़बड़ी)
  • इम्यून सिस्टम में कोई गड़बड़ी 
  • छालों का गंभीर रूप से फैलना

कैंसर का घाव भी मुंह के छाले जैसा दिखता है, लेकिन यह बिना इलाज के ठीक नहीं होता। ओरल कैंसर के कुछ लक्षण मुंह के छालों के लक्षण जैसे ही होते हैं, जैसे की दर्दनाक छाले और गले में सूजन। लेकिन, ओरल कैंसर की पहचान इसके विशेष लक्षणों से होती है, जैसे – 

  1. मुंह या मसूड़ों से खून आना
  2. दांतों का ढ़ीला होना
  3. खाना निगलने में परेशानी होना 
  4. कान में दर्द होना 

अगर आपको मुंह के छालों के साथ यह सब लक्षण भी दिखाई देतें हैं, तो आप जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें, जिससे की ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) होने की संभावना को खारिज किया जा सके।  

मुंह के छाले का उपचार – Mouth Ulcer Treatment in Hindi

मुंह के छालों का इलाज

मुंह के छाले छोटे हों तो ज़्यादातर इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती, यह हफ्ते या दो हफ्ते में अपने आप ठीक हो जातें हैं। लेकिन बड़े और बार-बार होने वाले दर्दनाक छालों को चिकित्सा देखभाल की ज़रूरत पड़ती है। कई सारे इलाज के विकल्प मौजूद हैं, जिनमें में से प्रमुख इस प्रकार हैं –

  1. दवा-युक्त माउथ वाश –
    अगर आपकी स्थिति गंभीर है तो डॉक्टर आपको एक दवा-युक्त माउथ वाश से दिन में कई बार कुल्ला करने को बोलेंगे। इस दवा से दर्द और जलन कम होती है।
     
  2. मुँह के छाले की क्रम और अन्य दवा –
    ऐसी कई पेस्ट, क्रीम, जेल या लिक्विड मौजूद हैं जो जल्द आराम पाने में और छाले ठीक होने में सहायता कर सकती हैं। इनका असर सबसे ज़्यादा तब होता है जब इन्हे छाला होने के तुरंत बाद लगाया जाए। आपके लिए सही दवा कौन सी है, यह जानने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
     
  3. टेबलेट या गोली व अन्य मौखिक दवा –
    मौखिक दवा की तब ज़रूरत पड़ती है, जब मुंह के छाले बहुत गंभीर हो जाते हैं और क्रीम आदि का उन पर कोई असर नहीं होता है। इनमें से कुछ निम्न है –
    1. कुछ ऐसी दवाएं जो स्पष्ट रूप से मुंह के छालों के इलाज के लिए नहीं बनी हैं, जैसे कि पेट के अलसर की दवा या गाउट की दवा। 
    2. जब मुंह के छले इतने गंभीर हो जाते हैं कि वह अन्य दवाओं से ठीक नहीं होते, तब स्टेरॉयड दवा का इस्तेमाल किया जाता है। स्टेरॉयड दवाओं के गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इस लिए इन्हे सबसे अंत में इस्तेमाल किया जाता है जब कोई और विकल्प न बचा हो।
       
  4. पोषक तत्व पूरक (न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स) 
    अगर आप कम मात्रा में आवश्यक पोसाहक तत्व लेते हैं तो आपके डॉक्टर आपको न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स लेने को कहेंगे, जैसे कि फोलेट (फोलिक एसिड या विटामिन बी9), विटामिन बी 6, विटामिन बी12 या जिंक।

मुंह के छाले में परहेज – What to avoid during Mouth Ulcer in Hindi?

क्या खाने से बचें?

  1. तीखा या नमकीन खाना, खट्टे या टमाटर युक्त खाद्य पदार्थ न खाएं। इनको खाने से खुले हुए छालों में तेज चीस मच सकती है।
  2. खुरदरे आहार जैसे कि सूखा टोस्ट से दूर रहें। यह मुंह के छालों की वजह से होने वाली परेशानी को और बढ़ा सकते हैं।
  3. कुछ भी तीखा न खाएं। तीखा आहार लेने से छालों में जलन बढ़ सकती है।

मुंह के छाले में क्या खाना चाहिए? – What to eat during Mouth Ulcer in Hindi?

मुंह में छाले या गले में छाले होने पर क्या खाया जाएँ?

  1. नर्म और क्रीम युक्त खाना खाएं –
    नर्म और क्रीम युक्त खाना खाएं जिसमें ज़्यादा मात्रा में कैलोरी और प्रोटीन हों, जैसे कि क्रीम युक्त सूप, चीज़, दही, आइस क्रीम आदि। अगर आप दर्द की वजह से थोड़ा ही खा पा रहे हैं, तो आपको ज़्यादा कैलोरी युक्त भोजन खाना चाहिए, जो आपके शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देगा। 
     
  2. अपने खाने को भिगोएं –
    अगर आप नाश्ते में “ब्रेकफास्ट सीरियल” (जैसे कॉर्न फलेक्स) लेते हैं तो उन्हें खाने से पहले अच्छे से ठंडे दूध में भिगोएं। अगर आप चावल खा रहे हैं तो उसमें अच्छे से दाल मिलाएं ताकि चावल नर्म हो जाएं।
     
  3. अपने खाने को छोटे हिस्सों में काटें –
    मीट और मछली को छोटे हिस्सों में कांटें और उसे मिक्सी में डाल के पतला बना (पेस्ट की तरह) के खायें। आप इसमें सॉस या कम वसा वाली ग्रेवी भी मिक्स कर सकतें हैं।
     
  4. पकी हुई सब्ज़ियां  खाएं –
    कच्ची सब्ज़ियां खाने से मुँह के छालों का दर्द बढ़ सकता है।
     
  5. ठंडे आहार लें –
    आइस क्रीम और ठंडा शरबत जैसी ठंडी चीज़ें खाएं। इनका ठंडापन आपके मुंह के छालों को ठंडक पहुंचाएगा।

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